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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में रात को बार-बार पेशाब के लिठजाना (नोकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾) आम है। हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलावों और गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ में बढ़े हà¥à¤ रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ के कारण आपको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार पेशाब जाने की जरà¥à¤°à¤¤ महसूस होती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ लेती हैं, इसकी वजह से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार पेशाब आता है।
रात में पेशाब के लिठउठने की वजह से पहली तिमाही और तीसरी तिमाही में आपकी नींद में खलल पड़ सकता है। जैसे-जैसे आपका गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠबढ़ता है, आपके शरीर में खून और अनà¥à¤¯ तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बढ़ती जाती है। आपके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ अपशिषà¥à¤Ÿ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बाहर निकालने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मेहनत कर रहे हैं, जिसकी वजह से आपको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार पेशाब जाने की जरà¥à¤°à¤¤ महसूस हो रही है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले तीन महीनों में आपका बढ़ता गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव डालता है। चौथे महीने के आसपास गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ पेट में थोड़ा ऊपर की तरफ हो जाता है। इससे मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर से दबाव हट जाता है, मगर केवल कà¥à¤› समय के लिठही।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के अंतिम हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में फिर से बार-बार पेशाब जाने की जरà¥à¤°à¤¤ महसूस होने लगती है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपका गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बड़ा होता जाता है और शिशॠशà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दोबारा जगह घेर लेता है। इस तरह फिर से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव पड़ने लगता है और यह शिशॠके जनà¥à¤® तक जारी रहता है।
कà¥à¤¯à¤¾ करà¥à¤‚ कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में रात में इतनी बार पेशाब न जाना पड़े?
शाम के समय से या सोने से दो घंटे पहले से आप तरल पदारà¥à¤¥ पीने की मातà¥à¤°à¤¾ कम कर दें। बहरहाल, बार-बार पेशाब जाने से बचने के लिठआप पानी पीना बिलà¥à¤•à¥à¤² कम न कर दें या पà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥€ न रहें। आपकी और आपके शिशॠकी सेहत के लिठयह जरà¥à¤°à¥€ है कि आप जलनियोजित रहें। इसके लिठआप दिनà¤à¤° परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ लें।
विशेषजà¥à¤ž मानते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 200 मि.गà¥à¤°à¤¾. कैफीन का सेवन सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि, कॉफी या चाय मूतà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤§à¤• (डायोरेटिक) होते हैं, यानि कि इनके सेवन से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार पेशाब आता है। इसलिठआप चाहें तो इनका सेवन बंद कर सकती हैं या फिर इनकी जगह कैफीनमà¥à¤•à¥à¤¤ पेय ले सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शराब का सेवन पूरी तरह बंद कर देना ही बेहतर है। मगर, फिर à¤à¥€ यदि आप कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° शराब पीती हैं, तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें कि à¤à¤²à¥à¤•ोहोल शरीर को निरà¥à¤œà¤²à¤¿à¤¤ (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ) कर सकती है और यह मूतà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤§à¤• à¤à¥€ है।
जब à¤à¥€ आप पेशाब के लिठजाà¤à¤‚ तो आगे की तरफ à¤à¥à¤•कर बैठे ताकि हर बार आपका मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पूरी तरह खाली हो जाà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में पेशाब करते समय आगे और पीछे की तरफ हिलने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ से फायदा हो सकता है। इससे मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का दबाव कम होता है, जिससे मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ को पूरी तरह खाली होने में मदद मिलती है।
आपको शायद पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से à¤à¥€ फायदा हो सकता है। इन वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ को करने की आदत जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ डाल लेना वैसे à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ ही है।
कà¥à¤¯à¤¾ बार-बार पेशाब जाना किसी समसà¥à¤¯à¤¾ का संकेत होता है?
निमà¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें:
पेशाब करते समय आपको दरà¥à¤¦ या जलन महसूस होती है
आपको पेशाब करने की तेज इचà¥à¤›à¤¾ जागृत होती है, मगर केवल कà¥à¤› बूंद पेशाब ही निकलता है
आपके पेशाब से बहà¥à¤¤ दà¥à¤°à¥à¤—ंध आती है या इसमें खून दिखाई दे
हो सकता है आपको मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£ (यूटीआई) हो, जिसका उपचार à¤à¤‚टिबायोटिकà¥à¤¸ से करना होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में रात में पेशाब के लिठउठने के बाद मैं फिर से सो नहीं पाती। कà¥à¤¯à¤¾ करà¥à¤‚?
रात में पेशाब के लिठउठने के बाद फिर से नींद आना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। हालांकि, इसके बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशान न हों। फिर से सोने के लिठमाहौल बनाà¤à¤‚ और आराम करें। बिसà¥à¤¤à¤° पर आरामदायक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लेटें। यदि किसी à¤à¥€ तरह से नींद न आ रही हो, तो उठकर दूसरे कमरे में चली जाà¤à¤‚। कोई किताब पढ़ें या संगीत सà¥à¤¨à¥‡ और जब फिर से नींद आने लगे तो बिसà¥à¤¤à¤° पर चली जाà¤à¤‚।
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